Suvendu Adhikari का ममता बनर्जी पर पलटवार: ‘हार के बाद पद पर बने रहना जनादेश का अपमान’

Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रचंड जीत के बाद राज्य की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। 15 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) को केवल 80 सीटों पर संतोष करना पड़ा, जबकि BJP ने 207 सीटों के साथ दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया। भवानीपुर विधानसभा सीट पर निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने वाले नवनिर्वाचित विधायक Suvendu Adhikari ने ममता के इस्तीफे से इनकार करने पर तीखा बयान देते हुए इसे।

संविधान में सब कुछ स्पष्ट: Suvendu Adhikari

भाजपा के कोलकाता कार्यालय से निकलते हुए पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए Suvendu Adhikari ने कहा कि इस मुद्दे पर ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है, क्योंकि देश के संविधान में सब कुछ स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है। Suvendu Adhikari ने कहा, “सब कुछ संविधान में लिखा है। मुझे ज़्यादा कुछ कहने की ज़रूरत नहीं है।” संविधान के जानकारों के अनुसार, अनुच्छेद 164 के तहत मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और मंत्री केवल राज्यपाल के प्रसादपर्यंत (pleasure) तक ही पद पर बने रह सकते हैं। जनादेश के बाद, यदि कोई मुख्यमंत्री चुनाव हार जाता है या पार्टी बहुमत खो देती है, तो उसके पास पद पर बने रहने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं बचता।

बंगाल में नए नेतृत्व की शुरुआत

भारतीय जनता पार्टी के तरफ से ममता बनर्जी के इन आरोपों को निराधार बताया गया है, और पश्चिम बंगाल में ‘डबल इंजन’ सरकार के गठन की तैयारियां जोरों पर हैं। 207 विधायकों के प्रचंड बहुमत के साथ, भारतीय जनता पार्टी राज्य में अपनी पहली सरकार बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। भाजपा का संकल्प बंगाल में भ्रष्टाचार और हिंसा के युग को समाप्त कर विकास, सुरक्षा और सुशासन की एक नई नींव रखना है।

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