देहरादून में ‘भारत श्री राष्ट्रीय रत्न पुरस्कार 2026’ का भव्य आयोजन, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने विभूतियों को किया सम्मानित

देहरादून में प्रतिभाओं का महाकुंभ: 'भारत श्री राष्ट्रीय रत्न पुरस्कार 2026' से गूंजा उज्ज्वल भवन

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून एक बार फिर ऐतिहासिक पलों की साक्षी बनी, जब 21 फरवरी 2026 को उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVN) के ‘उज्ज्वल भवन’ में भारत श्री राष्ट्रीय रत्न पुरस्कार – 2026 का शानदार आयोजन किया गया। Institute for Social Reforms and Higher Education Charitable Trust (ISRHE) द्वारा आयोजित इस समारोह ने देशभर की उन प्रतिभाओं को एक मंच पर लाने का काम किया, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में मील के पत्थर स्थापित किए हैं। ISRHE एक ऐसा National recognition प्राप्त संगठन है जो लंबे समय से Education and social reform की दिशा में काम कर रहा है। संस्था का मुख्य उद्देश्य Women and child empowerment के साथ-साथ हेल्थकेयर और रिसर्च को बढ़ावा देना है। इस भव्य आयोजन की गरिमा तब और बढ़ गई जब उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल और विधायक श्रीमती सविता कपूर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया। यह केवल एक पुरस्कार समारोह नहीं था, बल्कि उन गुमनाम नायकों की कहानी को दुनिया के सामने लाने का एक सशक्त जरिया था, जो चुपचाप राष्ट्र निर्माण (Nation Building) में अपना पसीना बहा रहे हैं।

दिग्गज मेहमानों की मौजूदगी और सांस्कृतिक छटा

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद उत्तराखंड के वन और तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने अपने संबोधन में कहा कि समाज को दिशा देने वाले लोगों का सम्मान करना वास्तव में राष्ट्र का सम्मान है। विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित विधान सभा सदस्य श्रीमती सविता कपूर ने महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में UJVN Managing Director श्री संदीप सिंघल ने भी गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में शिरकत की। पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन मिस गौरी शर्मा और मिस गीत शर्मा ने किया, जिनकी वाकपटुता ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। इस Professional excellence को समर्पित शाम की शुरुआत माँ सरस्वती की वंदना से हुई, जिसने पूरे माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम के आयोजक मंडल में शामिल डॉ. अतुल शर्मा (प्रेसिडेंट, ISRHE) और डॉ. रेशु गुप्ता (सेक्रेटरी, ISRHE) की दूरदर्शी सोच का ही परिणाम था कि यह आयोजन एक अंतरराष्ट्रीय मानक (International Standards) के अनुरूप संपन्न हुआ। इस आयोजन के दौरान Ethical Leadership की जो मिसाल पेश की गई, वह आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और वैश्विक मानक

ISRHE द्वारा पुरस्कार विजेताओं का चयन करना कोई आसान काम नहीं था। संस्थान ने इसके लिए एक बेहद जटिल और Transparent evaluation process का पालन किया, ताकि केवल सबसे योग्य और प्रतिभाशाली लोगों को ही यह सम्मान मिले। चाहे वह Higher Education का क्षेत्र हो या फिर ग्रामीण विकास का, हर नामांकन को बारीकी से परखा गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसने उपस्थित हर व्यक्ति के भीतर देशभक्ति और गौरव का संचार कर दिया। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब समर्पण और विजन एक साथ मिलते हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव की लहर पैदा होती है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई दिग्गजों ने इस मंच से अपनी सफलता की कहानियाँ साझा कीं, जो यह दर्शाती हैं कि भारत की असली ताकत उसकी विविध प्रतिभाओं में ही छिपी है। Social awareness को बढ़ावा देने वाला यह मंच आज के दौर में अत्यंत प्रासंगिक हो गया है।

इन 73 विभूतियों को मिला सम्मान: देखें पूरी लिस्ट

इस समारोह में देश के विभिन्न कोनों से आए कुल 73 दिग्गजों को सम्मानित किया गया, जिनकी सूची निम्नलिखित है:

  1. डॉ. प्रीति वाघेला: राजस्थानी लोक कला और कोरियोग्राफी की विशेषज्ञ।

  2. मिस्टर धैर्य रूपेश वाघेला: इंजीनियरिंग इनोवेशन (Engineering Innovation) में युवा अचीवर।

  3. सुश्री ध्वनि वाघेला: यंग अचीवर ऑफ द ईयर।

  4. डॉ. गोविंद सिंह कौंडल: जनसेवा और सामाजिक कल्याण में उत्कृष्ट योगदान।

  5. सुश्री रंजीता राहुल प्रजापति: अकादमिक नेतृत्व (Academic Leadership) में शानदार प्रदर्शन।

  6. डॉ. निर्मलेश कर: शिक्षा जगत की विशेष सेवा के लिए सम्मानित।

  7. डॉ. सचिन बंसोडे: एक असाधारण समाज सेवक के रूप में पहचान।

  8. डॉ. विजय राज बोलापल्ली: अनुसंधान (Research) के क्षेत्र में विशेष उपलब्धि।

  9. प्रो. नितिका कौशल: चिकित्सा शिक्षा (Medical Education) में अतुलनीय योगदान।

  10. डॉ. संजय बंसल: शैक्षणिक नेतृत्व के लिए विशिष्ट पुरस्कार।

  11. डॉ. विपुल पटेल: शिक्षा समुदाय को सशक्त बनाने में अहम भूमिका।

  12. प्रो. डॉ. नीति मिश्रा (PT): फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में ‘विमेन एक्सीलेंस अवार्ड’।

  13. डॉ. एस. वी. ए. आर. शास्त्री: प्रोफेसर ऑफ द ईयर का गौरवपूर्ण सम्मान।

  14. श्री रामचंदर मलकूची: Data architecture and cloud transformation में नवाचार के लिए पुरस्कृत।

  15. प्रो. (डॉ.) नीरज कुमार: शोध और अनुसंधान में उत्कृष्टता।

  16. डॉ. अंजू चौहान: प्रोफेशनल एक्सीलेंस के लिए सम्मानित।

  17. डॉ. सुषमा जायसवाल: सूचना प्रौद्योगिकी (IT) में ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’।

  18. प्रो. डॉ. डेप्टी वारिकू: रिहैबिलिटेशन साइंसेज में विशेष योगदान।

  19. डॉ. श्रुति स्नेहा: उभरती हुई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर।

  20. डॉ. खुशबू सी. वालोडवाला: फिजियोथेरेपी में महिला उत्कृष्टता पुरस्कार।

  21. डॉ. पी. एलंगोवन: बेस्ट प्रोफेसर ऑफ द ईयर।

  22. मिस्टर समीर शर्मा: केमिकल बिजनेस में ‘एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर’।

  23. सुश्री अंकिता सिंह: युवा शिक्षिका के रूप में ‘यंग टीचर ऑफ द ईयर’।

  24. प्रो. (डॉ.) राजीव कुमार दुबे: मेडिकल एजुकेशन में विशेष योगदान।

  25. मिस्टर नीरज कुमार: इनोवेटिव टीचिंग के लिए विशेष सम्मान।

  26. डॉ. सिद्धार्थ शंकर सिंह: शैक्षणिक प्रशासन में शानदार कार्य।

  27. डॉ. रूपा तिरुमलसेट्टी: शिक्षा समुदाय के उत्थान के लिए सम्मानित।

  28. डॉ. एम. भूषणम: प्रोफेशनल एक्सीलेंस अवार्ड।

  29. पवन सुरोलिया “उपासक”: साहित्यिक लेखन (Literary Author) के लिए सम्मान।

  30. मिस्टर आसिक अहमद: सामाजिक योगदान और युवा साहित्य।

  31. डॉ. वलीबा विट्ठल पोपेरे: ग्रामीण और जनजातीय विकास के लिए बेहतरीन कार्य।

  32. श्री राजेंद्र कुमार वर्मा: भारत में प्रीमियम बॉबिन निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी।

  33. डॉ. एस. सी. पांडे: अनुसंधान में विशेष योगदान।

  34. डॉ. सरवानी आनंदारा: रिसर्च फील्ड में उत्कृष्ट कार्य।

  35. डॉ. अरविंद पंडित खरात: Healthcare training और पैरामेडिकल शिक्षा के ‘नेशनल आइकॉन’।

  36. डॉ. सुमित कुशवाहा: रिसर्च और इनोवेशन में ‘राइजिंग स्टार’ अवॉर्ड।

  37. डॉ. ट्विंकल राजीव कुमार सिंह: शिक्षा के माध्यम से महिला सशक्तिकरण।

  38. प्रो. डॉ. प्रेम लाल जोशी: अकाउंटिंग एजुकेशन और रिसर्च के लिए सम्मान।

  39. डॉ. रेजीडी सुनीता: इंटरनेशनल एसडीजी इम्पैक्ट अवार्ड।

  40. सुश्री स्नेहा जैन: लेखन और मेंटल वेलबीइंग में उत्कृष्टता।

  41. एम्ब. डॉ. चंद्र लाल भारती: मानवाधिकार और दलित उत्थान के लिए पुरस्कार।

  42. डॉ. सुप्रियो मुखर्जी: व्यावसायिक उत्कृष्टता के लिए ‘भारत श्री राष्ट्रीय विभूषण पुरस्कार’।

  43. डॉ. सौमी मुखर्जी: नवाचार और नेतृत्व के लिए विशेष विभूषण सम्मान।

  44. डॉ. नागा मारुति नंदीराजू: प्रोफेशनल एक्सीलेंस अवार्ड।

  45. डॉ. नरेंद्र सिंह भाकुनी: कविता और साहित्य की दुनिया में बड़ा नाम।

  46. डॉ. निशांत विश्वकर्मा: इंटरनेशनल भरतनाट्यम गुरु पुरस्कार।

  47. प्रो. (डॉ.) संजय भूटानी: प्रतिष्ठित प्रोफेसर और व्यावसायिक उत्कृष्टता।

  48. डॉ. कोठा बलराजू गौड़: पत्रकारिता (Journalism) में विशेष योगदान।

  49. सुश्री पूजा त्यागी: उत्तर प्रदेश की प्रमुख रियल एस्टेट सलाहकार (Real Estate Consultant)।

  50. सुश्री मीनाक्षी साहू: सामुदायिक विकास के लिए विशेष योगदान।

  51. मेजर (प्रो.) डॉ. लक्ष्मी टी: प्रतिष्ठित प्रिंसिपल और शैक्षणिक मार्गदर्शक।

  52. डॉ. जी. थमरैसेलवी: एलआईएस शिक्षा में जीवन भर का योगदान।

  53. सुश्री अक्षिका त्रिवेदी: भारतीय संस्कृति और मूल्य-आधारित शिक्षा नेतृत्व।

  54. डॉ. भारती: प्रख्यात भाषा सलाहकार के रूप में पहचान।

  55. डॉ. सरस्वती दत्ता: अकादमिक नेतृत्व में उत्कृष्टता।

  56. प्रो. डॉ. ममीदन्ना एस: साल के अभिनव प्रोफेसर।

  57. डॉ. एन. बसेट्टी: हेल्थकेयर पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर।

  58. डॉ. आरती हड़प: शिक्षण और अनुसंधान में महिला उत्कृष्टता।

  59. डॉ. सुमन घोष: अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार परियोजनाओं (Telecom Projects) में योगदान।

  60. डॉ. अनिल संतु काले: सामुदायिक स्वास्थ्य और शिक्षा पर गहरा प्रभाव।

  61. श्री आशीष तिवारी: इंडस्ट्रियल सेफ्टी ऑडिट (Industrial Safety) में विशेषज्ञता।

  62. डॉ. प्रशांत वर्मा: मानविकी अध्ययन में उत्कृष्ट योगदान।

  63. डॉ. निवेदिता मुखर्जी: छात्र विकास और मार्गदर्शन के लिए पुरस्कार।

  64. श्री रघु गोलापुडी: ओरेकल डेटाबेस (Oracle Database) एक्सीलेंस अवार्ड।

  65. एडवोकेट श्री गिरीश विजयकुमार ज़ावर: सामाजिक सेवा और प्रभावी नेतृत्व।

  66. श्रीमती पूनम मोरे तोड़कर: सफल उद्यमी और सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता।

  67. श्री सचिन नाइक: दूरदर्शी उद्यमी (Visionary Entrepreneur)।

  68. डॉ. जजबीर सिंह: आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में उत्कृष्ट अभ्यास।

  69. श्रीमती कमला जुडियाल: सामाजिक कल्याण और सामुदायिक सेवा।

  70. डॉ. अन्नपूर्णा बोरूआ: उद्योग-अकादमिक तालमेल में बेहतरीन योगदान।

  71. डॉ. प्रदीप कुमार गौड़: विशिष्ट प्रोफेशनल उत्कृष्टता (चार्टर्ड एकाउंटेंट)।

  72. श्री विकास उप्रेती: स्वास्थ्य सेवा आहार और लॉन्ड्री सेवा में नवाचार।

  73. डॉ. वटकर सुशीलकुमार शिवाजी: यंग प्रोफेसर ऑफ द ईयर अवार्ड।

यह आयोजन देहरादून के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। ISRHE ने यह सुनिश्चित किया कि सम्मान केवल उन्हीं हाथों तक पहुंचे जिन्होंने वास्तव में समाज को कुछ दिया है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की इन प्रतिभाओं ने एक बार फिर साबित किया कि भारत में काबिलियत की कोई कमी नहीं है, बस जरूरत है तो उन्हें ‘भारत श्री’ जैसे मंचों की जो उन्हें पहचान दिला सकें।

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