यूपी के Azamgarh में पुलिस और प्रशासन ने मिलकर अपराधियों के खिलाफ एक और बड़ा कदम उठाया है। इस बार निशाने पर था कोडीन कफ सिरप का काला कारोबार करने वाला माफिया विकास सिंह नर्वे। पुलिस ने आरोपी की करीब 51 लाख रुपए की चल-अचल संपत्ति को कुर्क कर लिया है। यह पूरी कार्रवाई ई-कोर्ट के आदेश के बाद एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई है।
गांव के मकान से लेकर लखनऊ के लग्जरी फ्लैट तक
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि विकास ने अवैध कमाई का पैसा काफी सोच-समझकर ठिकाने लगाया था। कोडीन माफिया विकास सिंह ने अपने पैतृक गांव में करीब 27 लाख रुपए की लागत से एक बड़ा मकान खड़ा किया था। सिर्फ इतना ही नहीं, उसके तार राजधानी लखनऊ से भी जुड़े थे। उसने लखनऊ के पॉश इलाके गोमती नगर एक्सटेंशन में करीब 1.61 करोड़ रुपए का एक फ्लैट बुक कराया था। इस फ्लैट के लिए उसने 23.64 लाख रुपए एडवांस भी जमा कर दिए थे, जिसे अब पुलिस ने फ्रीज कर दिया है।

साइबर पुलिस की जांच और ई-कोर्ट का कड़ा फैसला
Azamgarh पुलिस की कार्रवाई की जानकारी देते हुए एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि साइबर थाना पुलिस लंबे समय से कोडीन सिरप मामले की कड़ियों को जोड़ रही थी। पुलिस जांच में यह साफ हो गया कि यह पूरी संपत्ति अपराध की दुनिया से कमाए गए पैसों से बनाई गई है। एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गांव में मुनादी कराई और संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया पूरी की। आरोपी के खिलाफ पहले से ही तीन गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसने पुलिस की फाइल को और मजबूत कर दिया।
अपराध की कमाई से खड़े किए गए साम्राज्य का अंत अक्सर ऐसा ही होता है। प्रशासन की इस अवैध संपत्ति कुर्क करने वाली कार्रवाई ने यह साफ संदेश दे दिया है कि नशे के कारोबार से पैसा बनाने वालों की अब खैर नहीं है। पुलिस की इस मुस्तैदी से न केवल अपराधियों में डर बैठेगा, बल्कि अवैध धंधों पर भी लगाम लगेगी।
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